वही सेवा सार्थक होती है जिसमें निजी स्वार्थ की कामना न हो

" The service which has no intention of any return is meaningful."



भारतीय आध्यात्म में परोपकार को श्रेष्ठतम कार्य कहा गया है लेकिन उसकी सार्थकता तभी है जब उसके साथ किसी तरह का कोई निजी हित न जुड़ा हो। सच्चाई ये है कि स्वार्थपूर्ण नेकी व्यवसाय की श्रेणी में आती है ।