जीवन को सुखमय बनाना हो तो उसके प्रति अपना दृष्टिकोण बदलिये

" To make the Life happy , change your point of view towards it."


कैंसर की आख़िरी अवस्था के मरीज के मन में भय और निराशा घर कर लेते हैं। उनकी आँखों से चमक गायब हो चुकी होती है । लेकिन दूसरे दृष्टिकोण से देखें तो सांस में ही उम्मीद भी छुपी होती है।


उस लिहाज से सही दृष्टिकोण रखने वाला उम्मीद का दामन नहीं छोड़ता। सच कहें तो प्रतिकूल हालात का सामना करने में जिस अनुभव से हम गुजरते हैं वह अद्धभुत आनन्द प्रदान करता है।


छह वर्ष पूर्व जबलपुर में स्थापित विराट हॉस्पिस इसी भाव पर आधारित है।ब्रह्मर्षि स्वामी विश्वात्मा बावरा जी की शिष्या साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने इस सेवा प्रकल्प को मूर्तरूप प्रदान किया।